भाइयों और बहनों,
यह वेबसाइट हमने अपने समाज (मौर्य/कुशवाहा/शाक्य इत्यादि) को नजदीक आने के लिये शुरु की है। इसका लक्ष्य धन या यश कमाना नही है।
मैने बहुत दिनो से इस डोमेन को रजिस्टर कर रखा था , चाहता तो मै था कि यह maurya.net या maurya.org हो लेकिन उस समय वह उपलब्ध नही था । जब इस विषय पर है तो जानकारी के लिय Maurya.com इक होटल की वेबसाइट है और kushwaha.com एक व्यक्तिगत वेबसाइट है ( आशा है एक दिन वह हमारी वेबसाइट की ओर लोगो को भेजेंगे जो सामाजिक बातों के लिये उनकी वेबसाइट पर जाते है)
यहाँ पर बहुत से विचार हिन्दी के उत्थान के लिए दिखेंगे। हमारा मानना है कि हिन्दी से देश प्रेम और हमारी संस्कृति के प्रति अपने आप लगाव बना रहता है। इसके विपिरीत अंग्रेजी, पारशी और उर्दू इत्यादि व्यक्ति को हमेशा किसी और देश/संस्कृति की ओर ले जाती है।
यहाँ पर कुछ विचार परमपूज्य पांडूरंग प्रेरित स्वाध्याय परिवार कि विचारों से प्रभावित हैं। यह परिवार मानव के उत्थान के लिये ६० से ज्यादा सालों से अविरत चल रहा है। स्वाध्याय में जाकर व्यक्ति को अपनी संस्कृति और इतिहास की कुछ समझ आती है , भारत में रहने पर हमें पता नही चलता है लेकिन हमारी सोंच समझ सालों की अंग्रेजों, मुगलों और कम्योनिष्ठों की तोड मरोड कर पेश किये गये इतिहास और सन्स्कृति से बहुत प्रभावित है।
आशा है इस पडाव पर आपको आकर अच्छा लगा होगा, हमें आपके विचार जानने की इच्छा रहेगी ।
nice thinking